Monday, November 11, 2013

भगत सिंह छात्र मोर्चा का स्थापना सम्मलेन सफलतापूर्वक सम्पन्न

                                                                   ........एक संक्षिप्त रिपोर्ट

प्रिय साथियों ,

                    जैसा की आप लोगों को मालूम है कि शहीद भगत सिंह के जन्म दिवस २८ सितम्बर के अवसर पर भगत सिंह छात्र मोर्चा ने अपने संगठन के तीन दिवसीय स्थापना सम्मलेन का आयोजन किया था | यह आयोजन बनारस ( उ० प्र०)  में किया गया | इस सम्मलेन का डेलिगेट  सत्र २६-२७ सितम्बर को व खुला सत्र २८ सितम्बर को छोटा नागपुर वाटिका हाल (अस्सी),वाराणसी में सम्पन्न हुआ |


          सम्मेलन  के डेलिगेट सत्र में संगठन का घोषणा-पत्र ,कार्यक्रम ,संविधान व तात्कालिक मांगों पर बहँस हुआ व इन्हें बहुमत से पारित किया गया |  इस सत्र में संगठन के सचिव ने अब तक के कमों की संगठनिक-राजनितिक समीक्षा रिपोर्ट भी प्रस्तुत किया | दो दिनों तक चले इस सत्र के आखिर में संगठन की १३ सदस्यीय कार्यकारिणी ( दिवेश, गणेश, आरती, बजरंग, सोनी ,प्रशांत ,अजय ,विकास ,रोहित, ओमप्रकाश ,रितेश ,शैलेश ,विनोद ) व पदाधिकारियों ( शैलेश कुमार को अध्यक्ष , अजय कुमार को उपाध्यक्ष ,रितेश विद्यार्थी को सचिव ,ओमप्रकाश को सह-सचिव ,सोनी को कोषाध्यक्ष ) का चुनाव किया गया | इस तरह से संगठन का डेलिगेट सत्र सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ |


           अगले दिन २८ सितम्बर को पहले से प्रस्तावित खुला सत्र प्रारंभ हुआ | जिसका विषय "साम्राज्यवादी वैश्वीकरण के दौर में छात्रों की स्थिति और समाज के क्रन्तिकारी पुनर्गठन में उनकी भूमिका" रखा गया था | इस सत्र में सर्वप्रथम झंडात्तोलन हुआ और झंडा-गीत प्रस्तुत किया गया तथा इस खुले मंच से नई कार्यकारिणी की घोषणा की गयी | इस सत्र के मुख्य वक्ता अरुण फरेरा (छात्र नेता, महाराष्ट्र) , विशिष्ट वक्ता प्रो० तैयब हुसैन(जयप्रकाश विश्व्विद्यालय, छपरा) और डॉ० प्रमोद बागड़े(बीएचयू) थे | कार्यक्रम का संचालन भगत सिंह छात्र  मोर्चा के सचिव रितेश विद्यार्थी और अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष शैलेश कुमार ने की | 



          सम्मेलन में बहुत से छात्र संगठनों एवं  किसान,मजदूर और बुनकर संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया और उक्त विषय पर अपनी बात भी रखी | डीएसयू ,नई दिल्ली की तरफ से बुनो ज्योत्सना, यूएसडीएफ, प० बंगाल की तरफ से सोमू मंडल, आइसीएम, उ० प्र०  की तरफ से आरती चिराग, छात्र-युवा एकता मंच, उ० प्र०  की तरफ से राजेश,बुनकर एकता मंच, बनारस  की तरफ से परवेज़ आलम,किसान संगठनों की तरफ से कन्हैया लाल एवं आइसीएम, उ० प्र० के पूर्व अध्यक्ष विश्वविजय ने अपनी बात रखी | इसके अतिरिक्त शहर के कुछ प्रगतिशील बुद्धिजीवियों ने भी इस मौके  पर अपनी बात रखी | 


        सभा के आखिर में मशाल सांस्कृतिक मंच के साथियों ने युद्धेश बेमिशाल के नेतृत्व में क्रन्तिकारी गीतों की प्रस्तुति की | सम्मेलन के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद सभागार से मुख्य द्वार बीएचयू तक क्रन्तिकारी और परिवर्तनकामी नारों के साथ एक जुलूस भी निकला गया | अंत में समाज के क्रन्तिकारी पुनर्गठन के लिए आजीवन संघर्ष के संकल्प के साथ सम्मेलन के औपचारिक समापन की घोषणा की गयी |