Monday, June 1, 2015

अम्बेडकर पेरियार स्टडी सर्कल के प्रतिबन्ध के विरोध में उतरे बीएचयू के छात्र-बुद्धिजीवी |


         आईआईटी,मेडिकल बीएचयू के छात्र संगठन स्टूडेंट फॉर चेंज (एसएफसी) के नेतृत्व में अम्बेडकर पेरियार स्टडी सर्कल के प्रतिबन्ध का विरोध हुआ | इस प्रदर्शन में कई संगठन व बुद्धिजीवी सहयोगी बने | जिसमें मुख्य रूप से भगत सिंह छात्र मोर्चा (बीसीएम),अनुसूचित जाति-जनजाति छात्र कार्यक्रम आयोजन समिति,रेहड़ी-पटरी संघर्ष समिति,चौथीराम यादव,प्रमोद बागडे,संदीप पाण्डेय,केशव प्रसाद,मुसाफिर राम थे |
कार्यक्रम की औपचारिक सुरुआत मुख्य द्वार बीएचयू से संगठन के अध्यक्ष हेमंत ने अपनी बात रखते हुए नारे लगते हुए व मिडिया को बाइट देकर किया |  

        कार्यक्रम का फॉर्म यह था कि मेन गेट से सैकड़ों कि तादात मेंछात्र-बुद्धिजीवी व नागरिक नारे लगते हुए रविदास गेट तक गए | पुनः मेन गेट पर वापस आकर जुलूस सभा में बदल गया | जुलूस के नारे मुख्य रूप से इस प्रकार थे कि अम्बेडकर पेरियार स्टडी सर्कल-एपीएससी को बहाल करो !,एपीएससी पर लगे प्रतिबन्ध को वापस लो ! मोदी सरकार होश में आओं !,अम्बेडकर पेरियार की क्रन्तिकारी विरासत जिंदाबाद !,एपीएससी के साथियों तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ है !,कार्पोरेट की दलाली करना बंद करो !,तानाशाही नहीं चलेगी !,फांसीवाद मुर्दाबाद ! छात्र आंदोलनों-संगठनो पर दमन बंद करो ! आदि |

        सभा में अपनी बात रखते हुए चौथीराम यादव (पूर्व विभागाध्यक्ष हिंदी विभाग बीएचयू) ने कहा कि यह सड़क पर उतारकर संघर्ष करने का समय है | अम्बेडकर पेरियार के विचारों पर प्रतिबन्ध लगाना ब्राम्हणवाद कि चरम अभिव्यक्ति है | हमें एकजुट होकर हिन्दू फांसीवाद से लड़ना होगा और इस लड़ाई के व सांस्कृतिक क्रांति के महान नायक इसी बनारस की धरती पर पैदा हुए कबीर और रविदास है | यह संघर्ष छात्रों से सुरु होगी |

      संदीप पाण्डेय ने कहा कि पेरियार को तो बसपा भी नहीं पचा पायी | अम्बेडकर को हथियाने व दलितों का वोट बटोरने के लिए भाजपा सबसे ज्यादा अम्बेडकर पर कार्यक्रम कर रही है | यह लोकतंत्र को बचने की लड़ाई है | इस घटना की निंदा करते हुए मोदी की नीतियों का पर्दाफास किया | इसी क्रम में सभा को सम्बोधित करते हुए प्रमोद बागडे कहा कि यह जो दमन है वह कोई अलग नहीं है | इसको देश भर में दलितों-आदिवासियों,छात्र-बुद्धिजीवियों द्वारा जल-जंगल-जमीन,अस्मिता व रोजी के लिए चलाये जा रहे आंदोलनों के दमन व प्रतिरोध के चक्र से जोड़ कर देखना चाहिए | आह्वान करते हुए कहा कि इस संघर्ष में हम जहाँ तक चल सकते है वहां तक हमें अपनी भूमिका तय करनी चाहिए और संघर्ष को तेज करना चाहिए | केशव प्रसाद ने कहा कि मै  इस घटना कि निंदा करता हूँ और इस कार्यक्रम के आयोजको को बधाई देता हूँ | इस कड़ी में मुसाफिर राम के कहा कि हमें इस संघर्ष के लिए नौकरी छोड़नी पड़े या जान देनी पड़े हम इसके लिए तैयार है |         
  छात्रों कि तरफ से एससी-एसटी कमिटी अध्यक्ष सुधा सोनकर व भगत सिंह छात्र मोर्चा अध्यक्ष ने अपनी बात में बीएचयू को केंद्र में रखा और कहा कि जब तक हम संघर्ष में यहाँ मजबूत नहीं होंगे तब तक बहार हो रहे संघर्षों का समर्थन व दमन का विरोध नहीं कर सकते | पिछले दिनों बीएचयू कैम्पस में बाबासाहेब कि जयंती पर छात्रों को कार्यक्रम नहीं करने दिया गया | जबकि वहीँ भाजपा-आरएसएस द्वारा कैम्पस में ३-४ कार्यक्रम किये गए | कैम्पस में आरएसएस कि गतिविधिया खुलेआम हो रहीं है | अन्य छात्रों व संगठनो को कार्यक्रम करना प्रतिबंधित है | बीएचयू में कोई ऐसी जगह नहीं है जहाँ छात्र व संगठन अपना कार्यक्रम -प्रदर्शन कर सके ! कोई ऐसी जगह नहीं है जहाँ गार्ड-पुलिस-पीएसी व प्रशासन प्रायोजित गुंडे नहीं है !इस सबके पीछे वर्त्तमान वीसी जीसी त्रिपाठी (जो आरएसएस का है) का पूरा हाथ है | 

       इस सभा का संचालन मोनिस बब्बर ने किया | कार्यक्रम में मशाल सांस्कृतिक मंच के संस्कृतिकर्मी युद्धेश ने अपने गीतों के माध्यम से जश भरते रहें !अंता में पुनः घटना के विरोध में नारे लगाये गए और संघर्ष को तेज करने का संकल्प लिया गया |