Saturday, November 22, 2014

बीएचयू में छात्रसंघ आंदोलन

छात्र  एकता  ज़िंदाबाद  !           मुकम्मल छात्रसंघ बहाल करो !!
  • गिरफ्तार छात्रों को तत्काल रिहा करो !
  • बीएचयू में छात्रसंघ आंदोलन पर पुलिसिया दमन का विरोध करें  !!
  • विश्वविद्यालय प्रशासन व गुंडा तत्वों के मिलीभगत से छात्रसंघ आंदोलन को बदनाम करने व छात्र एकता को तोड़ने की शाजिस का पर्दाफास करें  !!!
  • विश्वविद्यालय परिसर से पुलिस व पीएसी को तत्काल बहार निकालो !!!!
  • निकाले गए छात्रों की हॉस्टल  व्यवस्था को तत्काल बहाल करो !!!!!

साथियों ,
             बीएचयू में पिछले कई दिनों से छात्र परिषद के बहिष्कार व मुकम्मल छात्रसंघ की बहाली के लिए चल रहा आंदोलन अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है ।  धरना, प्रदर्शन व भूख हड़ताल से होते हुए यह आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहा था | लेकिन छात्रों के तमान विरोधो व आंदोलनों के बावजूद वि०वि० प्रशासन ने छात्र परिषद चुनाव कराने की तिथि घोषित कर दी | प्रशासन के इस निर्णय ने आग में घी डालने का काम किया | इस तरह से बेहद शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा आंदोलन उग्र रूप लेने लगा | छात्रों ने कक्षा बहिष्कार शुरू कर दिया और   वि०वि० से लगे गेटो को बंद कर दिया | 


          स्थिति तब बहुत ज्यादा बिगड़ गयी जब प्रशासन के निर्देश पर पुलिस व पीएसीने आन्दोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया | इस घटना से छात्र उग्र हो गए और पुरे वि०वि में छात्रों व पुलिस के बीच गुरिल्ला संघर्ष छिड़ गया | इस संघर्ष में बिरला ,राजाराम व लाल बहादुर शास्त्री  आदि छात्रावासों के छात्रों की अग्रणी भूमिका रही | संघर्ष को उग्र रूप लेता  देख कुलपति ने छात्र परिषद चुनाव को रद्द करने की घोषणा कर दी | लेकिन जैसा की हमेशा से होता आ रहा है प्रशासन ने एक बार फिर बांटो और राज करो की नीति को अपनाया | वि०वि० प्रशासन ने कुछ गुंडा तत्वों व सत्ताधारी राजनितिक पार्टियों के दलालों की मिलीभगत से एक बार फिर छात्र एकता को तोड़ने व  छात्रसंघ को बदनाम करने की साजिश शुरू कर दी | और अगले ही दिन यानी २१ नवम्बर को वि०वि० में छात्रसंघ बहाली के लिए चल रहा आंदोलन बिरला बनाम ब्रोचा छात्रावास व साईंस बनाम आर्ट्स के आपसी मुठभेड़  का शिकार हो गया |

        इस स्थिति का फायदा उठाते हुए वि०वि० प्रशासन व जिला प्रशासन ने कैम्पस को पुलिस छावनी में बदल दिया | सैकड़ो -हजारो की संख्या में पुलिस व पीएसी के जवान कैम्पस में गश्त करने लगे | छात्रों को बेरहमी से पीटा गया |  बिरला ,राजाराम व लाल बहादुर शाश्त्री छात्रावास को बलपूर्वक खली करा दिया गया | इसके लिए हॉस्टल वार्डेन को सूचित करना भी जरुरी  नहीं समझा गया | सैकड़ो की तादात में छात्रों को गिरफ्तार कर जेल में भेज दिया गया | हॉस्टल कर्मचारियों और वार्डेन को भी नहीं बख्शा गया |करीब डेढ़ दर्जन छात्रों पर गंभीर धाराए लगायी गयी हैं  | 

बीसीएम छात्रसंघ बहाली जैसे बुनियादी व लोकतांत्रिक माँगो के पुलिसिया दमन का तीखा विरोध करता है तथा प्रशासन से तत्काल सभी छात्रों को रिहा करने व उनकी हॉस्टल व्यवस्था को बहाल करने की मांग करता है | तथा छात्रों से अपील करता है कि वह आपसी एकता व एकजुटता को बनाये रखे व छात्रसंघ बहाली के आंदोलन को जारी रखें |